Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सीनियरà¥à¤¸ में पैर, पैर और टखनों में सूजन à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। इसके लिठचिकितà¥à¤¸à¤¾ शबà¥à¤¦ à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ है। à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ का फंसना है, लेकिन à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, पैरों और पैरों में सबसे अधिक होता है। à¤à¤• सà¥à¤°à¥‹à¤¤ का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है कि अमेरिका में लगà¤à¤— 4.4 मिलियन लोग à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ से पीड़ित हैं।
à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे ऊतक की à¤à¤• puffiness का कारण बनता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ खिंची हà¥à¤ˆ या चमकदार दिखाई दे सकती है। दबाव से राहत मिलने पर सूजन वाले कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर दबाव डालने से दांत निकल सकते हैं।
आमतौर पर पैरों और पैरों की सूजन धीरे-धीरे आती है और तà¥à¤°à¤‚त धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया जा सकता है। यदि à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ में सांस की तकलीफ, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दरà¥à¤¦ या à¤à¤• पैर में सूजन है, जबकि अनà¥à¤¯ à¤à¤• नहीं है, तो रोगी को ततà¥à¤•ाल चिकितà¥à¤¸à¤¾ मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करना चाहिà¤à¥¤
कई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सूजन या à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ हो सकती है। सबसे आम कारण हैं:
• बहà¥à¤¤ अधिक समय तक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® या बैठे रहना या खड़े रहना।
• गरà¥à¤®à¥€ के कारण या टखने और पैर में सूजन बढ़ सकती है।
• बरà¥à¤¨à¥à¤¸ उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के आसपास सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯à¤•ृत सूजन पैदा कर सकते हैं जहां वे होते हैं।
• रजोनिवृतà¥à¤¤à¤¿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के उतार-चढ़ाव और रजोनिवृतà¥à¤¤à¤¿ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ का उपयोग।
• कà¥à¤› दवाओं का उपयोग उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और दिल की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं जैसे कि अमà¥à¤²à¥‹à¤¦à¥€à¤ªà¥€à¤¨, निफेडिपिन और डिलà¥à¤Ÿà¤¿à¤œà¥‡à¤® के इलाज के लिठकिया जाता है। गैर-सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¾à¤¯à¤¡à¤² विरोधी à¤à¤¡à¤¼à¤•ाऊ à¤à¤œà¥‡à¤‚ट (à¤à¤¨à¤à¤¸à¤à¤†à¤ˆà¤¡à¥€) जैसे इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ और नैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¨à¥¤ डायबिटीज के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की जाने वाली कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ जैसे अवंदिया और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤¸, जो कि थियाज़ोलिडाइनà¥à¤¸ नामक दवाओं के समूह से संबंधित हैं।
• अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• नमक का सेवन।
• पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और बी विटामिन के अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सेवन के साथ पोषण।
रोग जो à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ का कारण बन सकते हैं
कई रोग पैरों और पैरों की सूजन के विकास से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं और हाथों और आंखों के आस-पास à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ का कारण à¤à¥€ हो सकते हैं।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियों से शरीर से नमक और पानी को हटाने के लिठगà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम हो सकती है। कà¥à¤› गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियों से मूतà¥à¤° में à¤à¤²à¥à¤¬à¥à¤®à¤¿à¤¨ नामक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की हानि होती है। यदि à¤à¤¸à¤¾ होता है, तो à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ विकसित हो सकती है।
दिल की विफलता, जो दिल के दौरे या अनà¥à¤¯ दिल की बीमारी के कारण हो सकती है, जिससे सूजन हो सकती है। इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हृदय कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾ से रकà¥à¤¤ पंप करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ खो देता है और ऊतकों में तरल पदारà¥à¤¥ इकटà¥à¤ ा हो जाता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ फेफड़ों की बीमारी से फेफड़ों और दाà¤à¤‚ हृदय में रकà¥à¤¤ वाहिकाओं में दबाव बढ़ सकता है। यह अंततः पैरों और पैरों में सूजन का कारण बनता है।
सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ दिल की सही विफलता का कारण बनता है जो पैरों और पैरों में दà¥à¤°à¤µ के संचय का कारण बन सकता है।
जिगर की बीमारी, विशेष रूप से सिरोसिस, शरीर की मà¥à¤–à¥à¤¯ नस में रकà¥à¤¤ का कारण बन सकती है, अवर वेना कावा, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प पैरों और पैरों में सूजन होती है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ योगदान कर सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह हृदय की विफलता और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी का कारण बन सकता है।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कà¥à¤› लोगों में सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत सूजन का कारण बन सकती है। यह आमतौर पर अचानक किसी चीज के संपरà¥à¤• में आने के बाद विकसित होता है, जिससे रोगी को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है।
गठिया, विशेष रूप से संधिशोथ, टखने की सूजन या किसी à¤à¥€ संयà¥à¤•à¥à¤¤ की सूजन का कारण बन सकता है जो इसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
थायराइड रोग à¤à¤• और कारण है, आमतौर पर कम थायराइड समारोह या हाइपोथायरायडिजà¥à¤®à¥¤
केवल à¤à¤• पैर में à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ के कारण हो सकता है:
• à¤à¤• नस में रकà¥à¤¤ का थकà¥à¤•ा जो रकà¥à¤¤ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को रोकता है। यह à¤à¤• मेडिकल इमरजेंसी है।
• वैरिकाज़ नसों या शिरापरक अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¤à¤¾ जब à¤à¤• या दोनों पैरों में नसों के वालà¥à¤µ कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो गठहैं और हृदय में रकà¥à¤¤ पंप नहीं कर सकते हैं।
• à¤à¤• टूटे हà¥à¤ चरम पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया गया है जो à¤à¤• बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— या विकलांग वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ देखा गया है जो रिपोरà¥à¤Ÿ नहीं कर सकते हैं या दरà¥à¤¦ को नोटिस नहीं करते हैं।
• लिमà¥à¤«à¥‡à¤¡à¥‡à¤®à¤¾, जो तब होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लसीका पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ रोग या टà¥à¤¯à¥‚मर से कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो गई है या यह अजà¥à¤žà¤¾à¤¤à¤¹à¥‡à¤¤à¥à¤• या वंशानà¥à¤—त हो सकता है।
• अलà¥à¤¸à¤° या टà¥à¤¯à¥‚मर जो à¤à¤• नस पर दबाते हैं और सामानà¥à¤¯ रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को रोकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |